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मीडिया वक्तव्य - विदेशी मामलों / अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक

सितम्बर 27, 2019

1. विदेशी मामले/अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों के ब्रिक्स मन्त्रियों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र (यूएनजीए74) के सीमान्तों पर अपनी वार्षिक बैठक 26 सितम्बर, 2019 को आयोजित की जिसकी अध्यक्षता रूसी संघ द्वारा 2020 के ब्रिक्स के भावी अध्यक्ष की शक्ति के रूप में की गयी।

2. मन्त्रियों ने राजनीतिक, सुरक्षा सम्बन्धी, आर्थिक, वित्तीय तथा स्थायी विकास के क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र की कार्यसूची के महत्त्वपूर्ण वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों तथा ब्रिक्स की आन्तरिक गति‌विधियों पर अपने विचारों का विनिमय किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अपने स्थायी उद्देश्यों में नियमित विनियमों के माध्यम सहित आपसी हित के क्षेत्र में ब्रिक्स के सदस्य देशों को निरन्तर सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता दिखाई।

3. मन्त्रियों ने याद किया कि वर्ष 2020 में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना तथा द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति की 75वीं वर्षगाँठ है। उन्होंने वैश्विक व्यवस्था को अधिक समावेशी, प्रतिनिधित्वकारी तथा विश्व निर्णय-निर्माण में उभरते बाजारों तथा विकासशील देशों की वर्धित साझेदारी सहित भागीदारी के प्रयासों के प्रति अपना समर्थन देने की पुष्टि की।

4. मन्त्रियों ने वैश्विक शान्ति तथा स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दुहराई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की केन्द्रीय भूमिका पर बल दिया तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा-पत्र में समाहित उद्देश्यों और सिद्धान्तों का अनुपालन करने, अन्तर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने तथा स्थायी विकास, लोकतन्त्र, मानव अधिकार एवं कानून के नियम को निर्वहन करने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

5. मन्त्रियों ने 2005 के विश्व शिखर सम्मेलन के परिणाम का स्मरण किया और वैश्विक चुनौतियों से पर्याप्त रूप से निपटने में सक्षम बनाने के लिए इसे अधिक प्रतिनिधिनात्मक, प्रभावी एवं सक्षम बनाने और विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व में वृद्धि करने के दृष्टिकोण से सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। चीन तथा रूस ने अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में ब्राजील, भारत तथा दक्षिण अफ्रीका की स्थिति तथा भूमिका से सम्बद्ध महत्त्व तथा संयुक्त राष्ट्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की उनकी अभिलाषा को दुहराया।

6. मन्त्रियों ने स्थायी विकास तथा जलवायु तथा एसडीजी सम्मेलनों की धारिता और विकास के लिए स्वास्थ्य तथा वित्त पोषण सम्बन्धी उच्चस्तरीय आयोजनों पर यूएनजीए74 के उच्च स्तरीय खण्ड को विशेष प्रमुखता देने का स्वागत किया। मन्त्रियों ने स्थायी विकास हेतु 2030 की कार्यसूची की पुष्टि की और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रयासों को दोगुना करने की बात कही।

7. मन्त्रियों ने जलवायु परिवर्तन पर अधिक प्रभावी अन्तर्राष्ट्रीय कार्यवाही की आवश्यकता पर भी बल दिया, विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के आलोक में साझा किन्तु विभिन्न उत्तरदायित्वों एवं सम्बद्ध क्षमताओं के सिद्धान्तों सहित जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के सिद्धान्तों के तहत स्वीकृत पेरिस समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्ध की पुष्टि की। उन्होंने विकसित देशों से जलवायु सम्बन्धी कार्यवाही में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने में सहायक तकनीक के स्थानान्तरण तथा विकासशील देशों की आर्थिक प्रतिबद्धताओं का सम्मान करते हुए उनकी सहायता करने का आग्रह किया।

8. मन्त्रियों ने बहुपक्षवाद तथा डब्ल्यूटीओ को केन्द्र में रखते हुए बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष तथा अन्य अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों सहित बहुपक्षीय प्रणाली को सशक्त करने तथा उसमें सुधार करने की तुरन्त आवश्यकता पर बल दिया। मन्त्रियों ने पारदर्शी, भेदभावरहित, खुले, मुक्त एवं समावेशी अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता पर बल दिया और उल्लेख किया कि संरक्षणवाद तथा एकपक्षवाद विश्व व्यापार संगठन के नियमों तथा उसकी भावना का हनन करता है। उन्होंने सभी देशों से ऐसे किसी आर्थिक, वित्तीय या व्यापारिक गतिविधियों को लागू करने तथा प्रयुक्त करने का निषेध करने का आह्वान किया जो विश्व व्यापार संगठन, अन्तर्राष्ट्रीय कानू तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के विरुद्ध हों और जो विशेष रूप से विकसित देशों में आर्थिक तथा सामाजिक विकास की पूर्ण प्राप्ति के मार्ग में बाधक हो।

9. मन्त्रियों ने संयुक्त राष्ट्र को अपने आदेशों के क्रियान्वयन में अधिक प्रभावी तथा कुशल बनाने के लिए लक्षित स्थायी प्रयासों के महत्त्व को संज्ञान में लिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के सहमत आदर्शों के संरक्षण में इसके प्रशासन तथा बजट के अनुसार एक उत्तम संसाधित संयुक्त राष्ट्र के अनुरूप ब्रिक्स देशों के मध्य सहयोग बढ़ाने और पूर्ण दायित्व तथा संगठन की मजबूती को सुनिश्चित करने को प्रोत्साहित किया।

10. मन्त्रियों ने विश्व के अनेक क्षेत्रों में जारी संघर्षों पर अपनी चिन्ता व्यक्त की जो अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए घातक है। उन्होंने राजनीतिक साधनतथा कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से शान्तिपूर्ण समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मन्त्रियों ने महाद्वीप में संघर्षों के समाधान एवं प्रबन्धन के प्रति अफ्रीकी संघ के प्रयासों की सराहना की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तथा अफ्रीकी शान्ति एवं सुरक्षा परिषद के मध्य सहयोग को सशक्त करने का स्वागत किया। उन्होंने "2020 तक बन्दूकों की चुप्पी" के प्रति अफ्रीकी संघ की प्रतिबद्धता की सराहना की और अफ्रीकी शान्ति एवं सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करने के प्रयासों का समर्थन करने की पुष्टि की।

11. मन्त्रियों ने सभी स्वरूपों तथा अभिव्यक्तियों में कभी भी, कहीं भी और किसी के भी द्वारा हो रहे आतंकवाद की तीव्र निन्दा करने की बात कही। उन्होंने अपनी धारणा व्यक्त की कि आतंकवाद के विरुद्ध प्रभावी संघर्ष सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक उपागम की आवश्यकता है। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार तथा संयुक्त राष्ट्र के संरक्षण में आतंकवाद को समाप्त करने के लिए संयुक्त प्रयास का आह्वान किया और इस सम्बन्ध में एक व्यापक अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद सम्मेलन (सीसीआईटी) के शीघ्र स्वीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

12. मन्त्रियों ने रेखांकित किया कि 2019-2020 की अवधि हेतु निर्वाचित सदस्य के रूप में दक्षिण अफ्रीका सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कार्य में ब्रिक्स देशों की भागादारी सतत संवाद को बनाये रखने तथा शान्ति और सुरक्षा के मुद्दे पर सहयोग प्रदान करने का एक अमूल्य अवसर देती है।

13. मन्त्रियों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में आपसी सहयोग के लिए अपनी पहलों की सम्भावना पर चचार् की।

14. मन्त्रियों ने 2020 में भावी ब्रिक्स सम्मलेन की अध्यक्षता के लिए रूस की तैयारियों की भी चर्चा की। रूस ने ब्रिक्स के त्रिस्तम्भीय रणनीतिक साझेदारी को जारी रखने तथा आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पर बल दिया।

15. मन्त्रियों ने 2019 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए ब्राजील की सराहना की और ओसाका में जी20 के सम्मेलन के सीमान्तों पर उनकी अनौपचारिक बैठक में ब्रिक्स नेताओं द्वारा सार्थक परिचर्चा का विशेष रूप से स्वागत किया। रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण अफ्रीका ने ब्राजील का पूर्ण समर्थन किया और नवम्बर 2019 में ब्राजीलिया में आने वाले ग्यारहवें ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दुहराई। मन्त्रियों ने 2020 में रूसी महासंघ में विदेशी मामलों/अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों के ब्रिक्स मन्त्रियों की स्वचलित बैठक पर भी मन्थन किया।

न्यूयार्क
सितम्बर 26, 2019



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