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प्रधानमंत्री का ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय को संबोधन (सितंबर 22, 2019)

सितम्बर 22, 2019

Howdy my friends,

ये जो दृश्य है, ये जो माहौल है, ये अकल्पनीय है और जब Texas की बात आती है तो हर बात भव्य होनी, विशाल होनी, ये Texas के स्वभाव में है।

आज Texas की स्पिरिट यहाँ भी रिफ्लेक्ट हो रही है। इस अपार जन समूह की उपस्थिति केवल arithmetic तक ही सीमित नहीं है। आज हम यहाँ एक नई हिस्ट्री बनते हुए देख रहे हैं, और एक नई केमिस्ट्री भी।

NRG की ये एनर्जी भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती synergy की गवाह है।

President Trump का यहाँ आना अमेरिका की महान डेमोक्रेसी के अलग-अलग प्रतिनिधियों का, चाहे वो रिपब्लिकन हों, डेमोक्रेट हों, उनका यहाँ आना और भारत के लिए, मेरे लिए, इतनी प्रशंसा में काफी कुछ कहना, मुझे शुभकामनाएं देना, Steny Hoyer, Senator Cornyn, Senator Cruz और अन्य साथियों ने जो भारत की प्रगति के बारे में कहा है, जो प्रशंसा की है वो अमेरिका में रहने वाले भारतीयों का, उनके सामर्थ्य, उनके अचीवमेंट का सम्मान है।

130 करोड़ यानि 1.3 billion भारतीयों का ये सम्मान है। Elected representatives के अलावा भी बहुत से अमेरिकी मित्र आज यहाँ इस कार्यक्रम में आए हैं. मैं हर हिन्दुस्तानी की तरफ से सभी का ह्रदय से स्वागत करता हूँ।

मैं इस कार्यक्रम के आयोजकों को भी बधाई देता हूँ। मुझे बताया गया है कि इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन जगह की कमी के कारण, हज़ारों लोग यहाँ नही आ पाए। जो लोग यहाँ नहीं आ पाए मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे क्षमा मांगता हूँ।

मैं Houston, Texas प्रशासन को भी उनकी भी भरी-भरी प्रशंसा करूँगा जिन्होंने दो दिन पहले अचानक बदले मौसम के बाद इतने कम समय में हालात को संभाला, व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया और जैसा कि President Trump कह रहे थे ये सिद्ध किया कि Houston is strong.

साथियों,

इस कार्यक्रम का नाम Howdy Modi है, लेकिन मोदी अकेले कुछ नहीं है। मैं 130 करोड़ भारतीयों के आदेश पर काम करने वाला एक साधारण व्यक्ति हूँ। और इसलिए जब आपने पूछा है Howdy Modi, तो मेरा तो मन कहता है, उसका जवाब यही है – भारत में सब अच्छा है। सब चंगा सी, बधाज मज़ा माँ छे, अंता बागुन्बी, इल्ला चिन्नागिरे, इल्लाम सौकियम, सर्व छान चालत आहे, सोब खूब भालो, सबू भाल्लाछी,

साथियों,

हमारे अमेरिकी मित्रों को ये आश्चर्य हो रहा होगा कि मैंने क्या बोला है। President Trump और मेरे अमेरिकी मित्रों, मैंने इतना ही कहा है – Everything is fine लेकिन भारत की कुछ अलग-अलग भाषाओँ में।

ये हमारी लिबरल और डेमोक्रेटिक सोसाइटी की बहुत बड़ी पहचान है, ये हमारी भाषाएँ। सदियों से हमारे देश में सैकड़ों भाषाएँ, सैकड़ों बोलियाँ, सह-अस्तित्व की भावना के साथ आगे बढ़ रही हैं और आज भी करोड़ों लोगों की मातृभाषा बनी हुई हैं।

और साथियों सिर्फ़ भाषा ही नहीं, हमारे देश में अलग-अलग पन्त, दर्ज़नों सम्प्रदाय, अलग-अलग पूजा पद्धतियाँ, सैकड़ों तरह का अलग-अलग क्षेत्रिय खानपान, अलग-अलग भेष-भूषा, अलग-अलग मौसम, ऋतुचक्र, इस धरती को अद्भुत बनाते हैं।

विविधता में एकता यही हमारी धरोहर है, यही हमारी विशेषता है। भारत की यही डाइवर्सिटी हमारी वाइब्रेंट डेमोक्रेसी का आधार है। यही हमारी शक्ति है, यही हमारी प्रेरणा है। हम जहां भी जाते हैं, डाइवर्सिटी, डेमोक्रेसी के संस्कार साथ-साथ लेकर के चले जाते हैं।

आज यहाँ स्टेडियम में बैठे 50 thousand से ज्यादा भारतीय हमारी महान परंपरा के प्रतिनिधि बनकर आज यहाँ उपस्थित हैं।

आपमें से कई तो ऐसे भी हैं जिन्होंने भारत में डेमोक्रेसी के सबसे बड़े उत्सव 2019 के चुनाव में भी अपना सक्रिय योगदान दिया है। वाकई ये एक ऐसा चुनाव था जिसने इंडियन डेमोक्रेसी की शक्ति का परचम पूरी दुनिया में लहरा दिया।

इस चुनाव में 61 करोड़, यानी की 610 million से अधिक वोटर्स ने हिस्सा लिया। एक तरह से अमेरिका की टोटल पापुलेशन का लगभग डबल। इसमें भी आठ करोड़ यानि 80 million युवा तो ऐसे हैं जो फर्स्ट टाइम वोटर थे।

भारत की डेमोक्रेसी के इतिहास में सबसे ज्यादा women वोटर्स ने इस बार वोट डाला था और इस बार सबसे ज्यादा संख्या में महिलाएं चुनकर भी आई हैं।

साथियों,

2019 के चुनाव ने एक और नया रिकॉर्ड स्थापित किया। 60 साल के बाद, after six decades, ऐसा हुआ जब पूर्ण बहुमत के साथ बनी कोई सरकार अपना पाँच साल का कार्यकाल पूरा करके, पहले से ज्यादा संख्याबल के साथ लौटी।

ये सब आखिर क्यों हुआ, किसकी वजह से हुआ, जी नहीं, मोदी की वजह से नहीं हुआ ये हिंदुस्तान वासियों के कारण हुआ है।

साथियों,

धैर्य हम भारतीयों की पहचान है लेकिन अब हम अधीर हैं देश के विकास के लिए, 21वीं सदी में देश को नई उंचाई पर ले जाने के लिए। आज भारत का सबसे चर्चित शब्द है विकास, आज भारत का सबसे बड़ा मन्त्र है – सबका साथ सबका विकास। आज भारत की सबसे बड़ी नीति है जन-भागीदारी, public participation. आज भारत का सबसे प्रचलित नारा है संकल्प से सिद्धि और आज भारत का सबसे बड़ा संकल्प है – New India.

भारत आज न्यू इण्डिया के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर रहा है और इसमें सबसे खास बात है कि हम किसी दूसरे से नहीं बल्कि खुद अपने आप से मुकाबला कर रहे हैं।

We are challenging ourselves. We are changing ourselves.

साथियों,

आज भारत पहले के मुकाबले और तेज़ गति से आगे बढ़ना चाहता है। आज भारत कुछ लोगों की इस सोच को चैलेंज कर रहा है जिनकी सोच है, कुछ बदल ही नहीं सकता है।

बीते पाँच सालों में 130 करोड़ भारतीयों ने मिलकर हर क्षेत्र में ऐसे नतीजे हासिल किए है जिनकी पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था।

We are aiming high, we are achieving higher.

भाइयों और बहनों,

सात दशकों में देश का rural sanitation 38 परसेंट पहुंचा था। पाँच साल में हमने 11 करोड़ यानी 110 मिलियन से ज्यादा शौचालय बनवाए। आज rural sanitation 99 परसेंट पर है।

देश में कुकिंग गैस कनेक्शन भी 55 प्रतिशत के करीब था। पाँच साल के भीतर-भीतर हमने इसे 95 परसेंट पहुंचा दिया। सिर्फ़ पाँच साल में हमने 15 करोड़ यानी 150 million से ज्यादा लोगों को गैस कनेक्शन से जोड़ा है।

भारत में रूरल रोड कनेक्टिविटी यह भी पहले सिर्फ़ 55 परसेंट थी। पाँच साल में हम इसे 97 परसेंट तक ले गए। सिर्फ़ पाँच साल में हमने देश के ग्रामीण इलाकों में 2 लाख किलोमीटर, यानी 200 thousand kms से ज्यादा सडकों का निर्माण किया है।

भारत में 50 परसेंट से भी कम लोगों के बैंक अकाउंट थे। आज पाँच साल में लगभग 100 परसेंट परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। पाँच साल में हमने 37 करोड़ यानी 370 million से ज्यादा लोगों के नए बैंक अकाउंट खुलवाए हैं।

साथियों,

आज जब लोगों की basic necessity की चिंता जब कम हो रही है तो वो बड़े सपने देख पा रहे हैं। उन्हें achieve करने के लिए सारी एनर्जी उस दिशा में लगा रहे हैं।

साथियों,

हमारे लिए Ease of doing business का महत्त्व है उतना ही Ease of living का भी और उसका रास्ता है empowerment. जब देश का सामान्य मानवी empower होगा तो देश का social और economic development बहुत तेज़ गति से आगे बढ़ेगा।

मैं आपको आज एक उदाहरण देता हूँ। आजकल कहा जाता है – Data is the new oil. आप Houston के लोग oil की जब बात आती है तो इसका मतलब भलीभांति जानते हैं।

मैं इसमें ये भी जोड़ूंगा कि Data is the new gold. Industry 4.0 का तो सारा फोकस ही डेटा पर है। अगर पूरी दुनिया में, जरा गौर से सुनिए, अगर पूरी दुनिया में सबसे कम कीमत में डेटा कहीं उपलब्ध है तो वो देश है भारत।

आज भारत में 1GB डेटा की कीमत है सिर्फ़ 25-30 cent के आस पास यानी 1 डॉलर का भी चौथाई हिस्सा और मैं ये भी बताना चाहूँगा की 1GB डेटा के वर्ल्ड एवरेज की कीमत इससे 25-30 गुना ज्यादा है।

ये सस्ता डेटा भारत में डिजिटल इंडिया की एक नई पहचान बन रहा है। सस्ते डेटा ने भारत में गवर्नेंस को redefine भी किया है। आज भारत में सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गोवेर्न्मेंट्स के करीब-करीब 10 thousand services ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

साथियों,

एक समय था जब पासपोर्ट बनने में दो से तीन महीने लगते थे। अब एक हफ्ते से भी कम समय में पासपोर्ट घर आ जाता है। पहले वीसा को लेकर किस तरह की दिक्कतें थीं ये शायद आप ज्यादा जानते हैं। आज US भारत की e-visa फैसिलिटी के सबसे बड़े users में से एक है।

साथियों,

एक समय था जब नई कंपनी के रजिस्ट्रेशन में दो-दो तीन-तीन हफ्ते लग जाते थे। अब 24 घंटे में नई कंपनी रजिस्टर हो जाती है। एक समय था जब टैक्स रीटर्न भरना बहुत बड़ा सिरदर्द होता था। टैक्स रिफंड आने में महीनों लग जाते थे।

अब जो बदलाव आया है वो सुनेंगे तो आप चौंक जाएंगें। इस बार 31 अगस्त को एक दिन में, मैं सिर्फ़ एक दिन की बात कर रहा हूँ, एक दिन में करीब 50 लाख यानी 5 million लोगों ने अपना इनकम टैक्स रीटर्न ऑनलाइन भरा है।

यानी सिर्फ़ एक दिन में ही 50 लाख रीटर्न, यानी Houston की कुल पापुलेशन का भी डबल से ज्यादा। और दूसरी सबसे बड़ी बात जो टैक्स रिफंड महीनों में आता था वो अब हफ्ते 10 दिन में सीधे बैंक में ट्रान्सफर हो जाता है।

भाइयों और बहनों,

तेज़ विकास का प्रयास कर रहे किसी भी देश में अपने नागरिकों के लिए welfare schemes आवश्यक होती हैं। जरूरतमंद नागरिकों के लिए welfare schemes चलाने के साथ-साथ नए भारत के निर्माण के लिए कुछ चीज़ों का farewell भी दिया जा रहा है।

हमने जितना महत्त्व welfare को दिया है उतना ही farewell को भी दे रहे हैं। इस 2 अक्टूबर को जब देश महात्मा गाँधी की 150वीं जन्म-जयंती मनाएगा तो भारत open defecation को farewell दे देगा।

भारत बीते पाँच सालों में 1500 से ज्यादा बहुत पुराने कानूनों को भी farewell दे चुका है। भारत में दर्ज़नो टैक्स का जो जाल था वो भी business friendly माहौल बनाने में रुकावट खड़ी करता था।

हमारी सरकार ने टैक्स के इस जाल को farewell दे दिया और GST लागू किया। वर्षों बाद देश में one nation one tax का सपना हमने साकार कर दिखाया है।

साथियों,

हम करप्शन को भी चैलेंज कर रहे हैं। उसे हर स्तर पर farewell देने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं। बीते दो-तीन साल में भारत ने साढ़े तीन लाख यानी 350 thousand से ज्यादा संदिग्ध कम्पनियों को भी farewell दे दिया है।

हमने आठ करोड़ यानी 80 million से ज्यादा ऐसे fake names को भी farewell दे दिया है जो सिर्फ़ कागज़ों पर थे और सरकारी सेवाओं का फायदा उठा रहे थे। और साथियों आप कल्पना कर सकते हैं इन फर्जी नामों को हटाकर कितने रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं, करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये यानी तकरीबन $20 billion.

हम देश में एक ट्रांसपेरेंट इकोसिस्टम बना रहे हैं ताकि विकास का लाभ हर भारतीय तक पहुँचे और भाइयों-बहनों एक भी भारतीय विकास से दूर रहे ये भी भारत को मंजूर नहीं है।

देश के सामने 70 साल से एक और बड़ा चैलेंज था जिसे कुछ दिन पहले भारत ने farewell दे दिया है।

आप समझ गए। ये विषय है Article 370 का। Article 370 ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास से और समान अधिकारों से वंचित रखा था। स्थिति का लाभ आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाली ताकतें उठा रहीं थीं।

अब भारत के संविधान ने जो अधिकार बाकी भारतीयों को दिए हैं वही अधिकार जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को भी मिल गए हैं।

वहाँ की महिलाओं, बच्चों, दलितों के साथ हो रहा भेदभाव ख़त्म हो गया है।

साथियों,

हमारी पार्लियामेंट के upper house, lower house दोनों में घंटों तक इस पर चर्चा हुई जिसका देश और दुनिया में live telecast हुआ। भारत में हमारी पार्टी के पास upper house यानि राज्य सभा में बहुमत नहीं है बावजूद इसके हमारी पार्लियामेंट upper house और lower house दोनों ने इससे जुड़े फैसलों को दो-तिहाई बहुमत से पास किया है।

मैं आप सबसे आग्रह करता हूँ, मैं आप सबसे आग्रह करता हूँ, हिंदुस्तान के सभी सांसदों के लिए standing ovation हो जाए।

बहुत-बहुत धन्यवाद आपका।

भारत आपने यहाँ जो कर रहा है उससे कुछ ऐसे लोगों को भी दिक्कत हो रही है जिनसे खुद अपना देश संभल नहीं रहा है। इन लोगों ने भारत के प्रति नफ़रत को ही अपनी राजनीति का केंद्र बना दिया है।

ये वो लोग हैं जो अशांति चाहते है, आतंक के समर्थक हैं, आतंक को पालते-पोषते हैं। उनकी पहचान सिर्फ़ आप नहीं पूरी दुनिया अच्छी तरह जानती है।

अमेरिका में 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो, उसके साज़िशकर्ता कहाँ पाए जाते हैं।

साथियों,

अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए। मैं यहाँ पर जोर देकर कहना चाहूँगा इस लड़ाई में President Trump पूरी मजबूती के साथ आतंक के खिलाफ खड़े हुए हैं।

एक बार आतंक के खिलाफ लड़ाई का राष्ट्रपति ट्रम्प का जो मनोबल है, हम सब मिलकर के उनको भी standing ovation देंगें।

Thank you. थैंक यू दोस्तों।

भाइयों और बहनों,


भारत में बहुत कुछ हो रहा है, बहुत कुछ बदल रहा है और बहुत कुछ करने के इरादे लेकर के हम चल रहे हैं। हमने नए challenges तय करने की, उन्हें पूरा करने की जिद ठान रखी है। देश की इन्हीं भावनाओं पर मैंने कुछ दिन पहले एक कविता लिखी थी। उसकी दो पंक्ति सुना रहा हूँ आज। अभी तो समय नहीं है, ज्यादा नहीं कहूँगा। वो जो मुश्किलों का अम्बार है, वही तो मेरे हौसलों की मीनार है।

साथियों,

भारत आज चुनौतियों को टाल नहीं रहा, हम चुनौतियों से टकरा रहे हैं। भारत आज थोड़े बहुत incremental change पर नहीं समस्याओं के पूर्ण समाधान पर जोर दे रहा है। असंभव सी लगाने वाली तमाम बातों को भारत आज संभव कर के दिखा रहा है।

साथियों,

अब भारत ने $5 trillion इकॉनमी के लिए कमर कसी है। हम इन्फ्रास्ट्रक्चर, इन्वेस्टमेंट और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। हम people friendly, development friendly और investment friendly माहौल बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

हम इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सौ लाख करोड़ रुपये, करीब-करीब 1.3 trillion डॉलर खर्च करने वाले हैं।

साथियों,

बीते पाँच वर्षों में दुनिया में तमाम अनिश्चितताओं के बाद भी भारत की ग्रोथ रेट, एवरेज 7.5 परसेंट रही है। और ये भी ध्यान रखिये पहले की किसी सरकार के पूरे कार्यकाल का एवरेज देखें तो ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।

पहली बार एक साथ low inflation, low fiscal deficit और high growth का दौर आया है। आज भारत दुनिया के बेहतरीन FDI destination में से एक है। साल 2014 से 2019 तक FDI inflow में करीब-करीब दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है।

अभी हाल में ही हमने सिंगल ब्रांड रिटेल में FDI के नॉर्म्स को आसान बनाया है। कोल माइनिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी इन्वेस्टमेंट अब 100 परसेंट तक हो सकता है।

मैं कल एनर्जी सेक्टर के CEOs से यहाँ Houston में मिला। भारत ने कॉर्पोरेट टैक्स में भारी कमी का जो निर्णय लिया है उससे वो सारे के सारे लोग बहुत ही उत्साहित नज़र आए। उनका फीडबैक है कि कॉर्पोरेट टैक्स कम करने के फैसले से सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि ग्लोबल बिज़नस लीडर्स में बहुत positive मैसेज गया है।

ये फैसला भारत को और globally competetive बनाएगा।

साथियों,

भारतीयों के लिए अमेरिका में, और अमेरिका में अमेरिकियों के लिए भारत में आगे बढ़ने की अपार सम्भावना है। $5 trillion इकॉनमी के लिए new India का सफ़र और President Trump के नेतृत्व में अमेरिका की मज़बूत economic growth, इन संभावनाओं को नए पंख लगा देंगें।

President Trump ने अपने संबोधन में जिन economic miracles की बात कही वो सोने में सुहागा होंगें। आने वाले दो तीन दिनों में President Trump के साथ मेरी बातचीत होने वाली है। मैं उम्मीद करता हूँ कि उससे भी कुछ positive रिजल्ट निकलेगा।

वैसे तो President Trump मुझे tough negotiator कहते हैं लेकिन वो खुद भी the art of the deal में माहिर हैं और मैं उनसे बहुत कुछ सीख रहा हूँ।

साथियों,

एक बेहतर भविष्य के लिए हमारा फॉरवर्ड मार्च अब और तेज़ गति से बढ़ने वाला है। आप सभी साथी इसका अहम् हिस्सा हैं, driving force हैं। आप आपने वतन से दूर हैं लेकिन वतन की सरकार आपसे दूर नहीं है।

बीते पाँच वर्षों में हमने इंडियन डायस्पोरा से संवाद के मायने को और संवाद के तरीके, दोनों बदल दिए हैं। अब विदेशों में भारत के दूतावास और कांसुलेट सिर्फ़ सरकारी कार्यालय नहीं बल्कि आपके पहले साथी की भूमिका में हैं।

विदेश काम करने वाले साथियों के लिए, उनकी हितों की सुरक्षा के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। MADAD, e-migrate विदेश जाने से पहले predeparture ट्रेनिंग, प्रवासी भारतीयों की बीमा योजना में सुधार, सभी PIO card को OCI card की सुविधा, ऐसे तमाम कार्य किए गए हैं जिन्होंने प्रवासी भारतीयों को विदेश जाने से पहले और बाद में काफी मदद की है।

हमारी सरकार ने Indian Community Welfare Fund को भी मजबूत किया है। विदेश में कई नए शहरों में प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र भी खोले गए हैं।

भाइयों और बहनों,

आज इस मंच से जो सन्देश निकला है उसकी छाप 21वीं सदी में नई परिभाषाओं को जन्म देगी, नई संभावनाओं को जन्म देगी। हमारे पास समान लोकतान्त्रिक मूल्यों की शक्ति है।

दोनों देशों में नव निर्माण के समान संकल्प हैं और दोनों का साथ हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर जरूर ले जाएगा।

Mr. President, मैं चाहूँगा कि आप सपरिवार भारत आएं और आप हमें अपना स्वागत करने का अवसर दें। हम दोनों की ये दोस्ती भारत-अमेरिका के shared dreams और vibrant future को नई उंचाई देगी।

मैं राष्ट्रपति ट्रम्प का अमेरिका की राजनीतिक, सामाजिक और बिज़नस से जुड़े तमाम लीडर्स को यहाँ आने के लिए फिर से एक बार ह्रदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूँ।

Texas की गवर्नमेंट, यहाँ के प्रशासन को भी बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ।

Thank you Houston, thank you America.

May God bless you all.

Thank you.


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