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संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के दौरान गुट निरपेक्ष आंदोलन मंत्रीस्तरीय बैठक में विदेश राज्य मंत्री का वक्तव्य

सितम्बर 27, 2019

धन्यवाद, श्रीमान अध्यक्ष,

1. मैं पिछले तीन वर्षों के दौरान इस आंदोलन की गतिविधियों के सफल समन्वय तथा प्रबंधन के लिए मैं वेनेजुएला के बोलीवरियन गणराज्य के सरकार तथा लोगों को बधाई देना चाहूंगा। हम आगामी अध्यक्ष, अझरबैजान के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं जिससे सुनिश्चित हो सके कि आंदोलन प्रभावशाली बना रहे तथा अपने बुनियादी सिद्धांतों का अनुसरण करता रहे।

2. आज की विशेष बैठक "अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा कायम रखने तथा राज्यों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध एवं सहयोग को बढ़ावा देने हेतु संप्रभुता तथा राजनीतिक स्वतंत्रता के सिद्धांत कायम रखने” को महत्व देती है तथा संस्थापकों के विचारों के समान एनएएम मूल तत्व ज्ञान को सामने रखती हैं।

3. इसके संपूर्ण कार्यकाल में, इस आंदोलन ने विश्व शांति तथा सुरक्षा के संरक्षण हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वास्तव में, इस आंदोलन के आरंभिक काल में, इसके अभियान द्वारा राजनीतिक स्वतंत्रता की प्रक्रिया के लिए राजनीतिक प्रोत्साहन तथा नैतिक दिशा दोनों प्रदान किए गए, परिणामस्वरूप, अंततः, आज यहाँ पर प्रतिनिधित्व करने वाले कई देशों तथा लोगों को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

4. आरंभिक काल में हमें एक साथ लाने वाले संघर्षों में से कई संघर्ष अब समाप्त हो चुके हैं। परंतु कुछ अभी भी अनसुलझे हैं। फिलिस्तीन के प्रति हमारा समर्थन निरंतर बना हुआ है हैं।

महामहिम,


5. वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने भी हमारे लोगों के लिए विकास के अपार अवसर प्रदान किए हैं, किंतु इसने हमारे सामने चुनौतियां भी रखी हैं। ये नए खतरे बहुआयामी, जटिल तथा अंतररराष्ट्रीय प्रक्रति के हैं। आज हमारे सामने हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा बन रही असंख्य समस्याएं हैं जो किसी भी भौतिक तथा राजनीतिक सीमाओं से परे है। इस से भी दुखद बात यह है कि, विकासशील देशों पर इनका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, स्थानिक गरीबी, अल्प विकास, महामारी, आदि समस्याओं का सामना मिलकर किया जाना चाहिए, यह अकेले संभव नहीं है।

6. इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए हमें ऐसे दृष्टिकोणों की आवश्यकता है जो समावेशी, पारदर्शी तथा बहुपक्षीयता के सिद्धांतों पर आधारित हों।

7. एकपक्षीय, अलगाववादी तथा स्वार्थी प्रेरणाओं के कारण बहुपक्षीयता को होनेवाले खतरे के बारे में चिंता जताते हुए, यह और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है कि हमारा आंदोलन एक साथ मिल कर कार्य करना जारी रखे। यह समय राजकीय सत्ता में समानता, आपसी सम्मान, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, एकात्मता तथा आपसी सहयोग के बारे में एनएएम के मूल सिद्धांतों के पालन के प्रति हमारी निष्ठा दिखाने का है। ये सिद्धांत संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र में अभिव्यक्त भावों के समान हैं जिसके कारण हम आज इकट्ठा हुए हैं।

महामहिम,

8. आतंकवाद न केवल अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है, बल्कि आज हम जिन सिद्धांतों पर हम चर्चा कर रहे हैं उसके लिए भी बहुत बड़ा खतरा है। आतंकवादी हमारे समाज को हानि पहुंचाते है तथा हमारे विकास के प्रयासों को दुर्बल करता है। इस विपत्ति से लड़ने का एकमात्र तरीका आतंकवादियों तथा उन्हें मजबूत बनाने वाले लोगों से निपटने के लिए बिना किसी अपवादों या दोहरे मापदंडों के बिना नैतिक सिद्धांतों के सभी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानून तथा तंत्र को मजबूत करना तथा लागू करना है।

महामहिम,

9. ऐतिहासिक अन्याय को मिटाने हेतु, वैश्विक शासन संरचनाओं के लंबे समय से लंबित सुधारों के मामलों के समाधान के बिना, हम अंतर्राष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस ऐतिहासिक अन्याय को २१वी सदी में उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

10. इस साल के आरंभ में, करैकस में, पहली बार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार में सामान्य अफ़्रीकी स्थिति के समर्थन हेतु एनएएम एक साथ आया था, तथा परिषद की सदस्यता की दोनों श्रेणियों में विस्तार का आह्वान किया गया था। हमें विश्वास है कि जब तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र और व्यापक सुधार नहीं हो जाता, तब तक संयुक्त राष्ट्र में समग्र सुधार को केवल अपूर्ण माना जायेगा।

महामहिम,

11. इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत इसकी विविधता में निहित है – हम एक दूसरे की विकास यात्रा, विशिष्ट परंपराओं तथा विरासत का सम्मान करते हैं, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में अखंड विश्वास करते हैं।

12. गुट निरपेक्ष आंदोलन हमारे लिए एक बहुमूल्य मंच का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि विकासशील देश हमारी नीति निर्माण में स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए दो-तिहाई मानवता की बात करते हैं। यह हमें शाश्वत तथा सार्वभौमिक सिद्धांतों में निहित होने के दौरान, सामूहिक रूप से अपने समकालीन लक्ष्यों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। इसलिए भारत इस आंदोलन तथा इसके आदर्शों का समर्थन करना जारी रखेगा।

न्यूयॉर्क
सितंबर 26, 2019


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